Thursday, May 10, 2012

bhuut chaar

     मुझे नीद ,   की गोली दी गयी और मैं सो गया .................
        सुबह जब आँख खुली .......मेरे सामने झाड -फूंक करने वाला 
         ओझा बैठा था ......वह मुझे मंत्रो को पढ़ के फूंक रहा था ....
         और कुछ अनाप -सनाप बकता रहा ............मेरे माता -पिता को यह 
         समझा के गया ........मुझे किसी औरत के भूत  ने पकड रखा है ......
                 
                       यह औरत पिछले जन्म में इसकी पत्नी थी .....और तुम्हारे 
            बेटे ने इसका खून कर दिया था .....किसी औरत के चक्कर में ......
         बस अब एक ही रास्ता है तुम्हारे बेटे और उस भूत के साथ शादी कर 
          दी जाय ............तब कहीं यह हो सकता है वह औरत छोड़ के जा सकती है 

                            मैं भी यह सब सुन रहा था .....मेरे साथ यह सब लोग क्या करना 
           चाहते है .......माँ को बहुत समझाने की कोशिश की लेकिन उनकी बात समझ में नहीं आयी 


                मेरी शादी की तैयारी होने लगी ....यह सब क्या हो रहा .....आज के जमाने में यह सब 
               फिर एक दिन सब कुछ तैयार किया गया ......एक लड़की क़ा पुतला बनाया गया और जिस से 
                  मेरा विवाह हुआ ........उसी ओझा ने सब कुछ किया ............
                                  
                                 उसने खूब पैसे लिए घरवालों से ........और कह के गया अब वह लड़की अब आप के बेटे को तंग नहीं करे गी 
                    ..........दिन बीतने लगे उस भूत औरत ने फिर मुझे तंग नहीं किया ........क्या सच मुझे नहीं मालूम 
                    हाँ पर एक बात जरुर सच है ..........


                                      अब वह औरत मेरे सपने में नहीं आती         ........पर मुझे ऐसा लगता है कोई औरत मेरे बगल 
                     जरुर लेती रहती है .....और कहती है किसी और औरत से शादी की तो मैं तुम्हे मार डालूंगी ..........

                               आज तक मैं कुँआरा  ही माँ ने बहुत कहा लेकिन मैंने शादी नहीं की ........

                      आज बीस वर्ष हो गये .......जीवन मेरा शान्ति से बीत रहा है ...........

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